babulal vaidya kanhawadi betul free cancer treatment

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मध्य प्रदेश में एक जिला है बैतूल ,वहां से ३५ किमी दूर है घोड़ाडोंगरी ब्लाक यहाँ से ३ किमी दूर है गाँव कान्हावाडी.यह गाँव प्रसिद्ध है वैद्य बाबूलाल भगत के नाम से . अब इस गाँव को लोग कैंसर की दवा वाला गाँव के नाम से जानने लगे हैं .यहाँ पर सतपुड़ा के घने जंगले पाए जाते हैं .लोगों का कहना है की इन जंगलों में ऐसी जडी बूटियाँ पाई जाती हैं जो कैंसर एवं बहुत से असाध्य बीमारियों से मुक्ति  दिलाती हैं .

आयुर्वेद के द्वारा किसी भी असाध्य रोग का इलाज संभव है अब इस तथ्य को आधुनिक चिकित्सा द्वारा भी स्वीकार्य किया जाने लगा है इसीलिए बहुत से एलोपथिक चिकित्सक भी आयुर्वेदिक दवा को अपने परामर्श में शामिल करते जा रहे हैं .भारत सरकार भी इस आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा दे रही है ,दिल्ली में AIIMS जैसा एक संस्थान एवं आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय को सरकार द्वारा मंजूरी मिल चुकी है एवं उसके निर्माण का कार्य प्रगति पैर है .

जैसा की हम अपने इतिहास में पढ़ते हैं कि सालों  पहले हमारे पूर्वज इस विज्ञान में बहुत ज्ञान रखते थे एवं उस समय इसी चिकित्सा से बड़े से बड़े असाध्य रोग का इलाज़ होता था .हमारे प्रकृति में ऐसे बहुत से जडी बूटी पेड़ पौधे हैं जिनमे औषधीय गुण पाए जाते हैं एवं ज्ञान की कमी के कारण हम उनका सदुपयोग नहीं केर पाते  .इस गुण को जानने एवं इसका उपयोग ठीक से करने वाले बहुत कम ज्ञानी हैं .उनमें से एक ज्ञानी हैं भगत बाबूलाल कान्हावाडी जिला बेतुल .वो एक ऐसी दवा बनाते हैं जो कैंसर में बहुत फायदेमंद है .

 

 

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यहाँ यह बता दूं कि मेरे निकट संबंधी को यह बीमारी है इसलिए इसके बारे में जानकारी लेने पर मुझे इस जगह के बारे में पता चला .मैं यहाँ कभी गया नहीं हूँ क्यूँकी मैंने बाबा कमलनाथ आश्रम अलवर से दवा देनी प्रारम्भ कर दी एवं २ महीने में ७५%का लाभ हो गया .लेकिन जब मैंने लोगों से जानकारी ली तब यहाँ के भी बहुत लोगों को फायदा हुआ ऐसा पता चला .

यह तो हम सब जानते ही हैं कि आयुर्वेद में बहुत ताकत है .अब तो आधुनिक विज्ञान भी इसको मानने लगा है . बिलकुल भी आश्चर्य नहीं करना चाहिए अगर आयुर्वेद से कैन्सर ठीक हो जाये .अब तो विदेशों में भी लोग आयुर्वेद के मानने लगे हैं .जब शरीर में किसी तत्त्व की कमी होती है तो उसे प्राकृतिक रूप से देने से शरीर जल्दी से जल्दी उसको स्वीकार करता है . अगर यह दवा आयुर्वेद द्वारा दी जाती है तो उसका कोई side effect नहीं होता .

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मध्य प्रदेश का कान्हावाडी गाँव प्रसिद्ध है कैंसर के निःशुल्क उपचार के लिए .हम सबको पता है जल्दी ही इनसब बातों पर विश्वाश नहीं होता .लेकिन जब सोचते हैं की इतनी दूर दूर से लोग दवा लेने नियमित रूप से आते हैं तो अवश्य फायदा होता होगा तभी कोई कई कई बार दवा लेगा . दूसरी बात जब यहाँ निःशुल्क दवा दी जाती है तो विश्वाश न करने का क्या कारण होगा . एक और कारण यहाँ आने वालों का विश्वाश एवं संख्या .यहाँ इतनी ज्यादा संख्या में लोग आते हैं की कई बार २ दिन लग जाते हैं दवा लेने में ,अगर फायदा नहीं है तो कोई क्यूँ आयेगा .

आप इन्टरनेट पैर कैंसर की आयुर्वेदिक दावा के बारे में सर्च करेंगे तो ऐसे बहुत से स्थान मिलेंगे लेकिन अधिकतर ऐसे मिलेंगे जिन्होंने धंधा बना रखा है और इसके प्रचार प्रसार पर लाखों रूपए खर्च करते हैं .ऐसे समय में भी कुछ स्थान हैं जो आज भी लोगों की सेवा निस्वार्थ भाव से करते हैं .इनमें से एक स्थान यह भी है .एक स्थान और है बाबा कमलनाथ आश्रम अलवर राजस्थान .

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यहाँ पर भी बाबा कमलनाथ आश्रम अलवर की तरह से बिलकुल निःशुल्क दवा दी जाती है .भगत बाबू लाल जी वैध्य के यहाँ मंगलवार एवं रविवार को ही दवा दी जाती हैं .यहाँ पर बहुत दूर दूर से रोगी आते हैं एवं अधिक  भीड़ हो जाने पर दवा लेने में दो दिन भी लग सकते हैं .भीड़ से बचने के लिए कुछ लोग एक दिन पहले भी आ जाते हैं .

दवा लेने के कुछ नियम हैं कुछ परहेज हैं .इन परहेज का करना आवश्यक है .दवा जडी बूटियों से तैयार की जाती है .देखिये यहाँ यह जरूर बता दूं की आयुर्वेदिक दवा का सबसे ज्यादा फायदा तभी होता है जब उसे नियम से दिया जाये एवं परहेज का विशेष ध्यान रखा जाये .दवा को लगातार देना चाहिए एवं बीच बीच में छोड़ना नहीं चाहिए .यहाँ से हजारों लोगों को बहुत फायदा हुआ है .आप वहां जायेंगे तो आपको ऐसे बहुत से लोग मिलेंगे जो लास्ट स्टेज कैंसर होते हुए भी ठीक जिन्दगी जी रहे हैं और उनको बहुत फायदा हुआ है .

पता है :

VILLAGE NAME : Kanhayavadi
DISTRICT : Betul
STATE : Madhya Pradesh
TEHSIL : Ghoradongri

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