haree mirch ke fayde nuksaan

क्यूँ और कब न खाएं हरी मिर्च

 

एक छोटी सी हरी मिर्च जिसे हम अपने भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए खाते हैं वह दरअसल गुणों से भरपूर और स्वास्थ्य के लिए पोषक तत्वों से पूर्ण होती है. हरी मिर्च में विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन बी6 और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते है सोडियम पोटेशियम व डाइटरी फाइबर की प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं.परंतु यह भी ध्यान रखना चाहिए हरी मिर्च का अधिक मात्रा में प्रयोग शरीर के लिए हानिकारक भी हो सकता है.जानिये क्यूँ और कब न खाएं हरी मिर्च ….

क्यूँ और कब न खाएं हरी मिर्च

हरी मिर्च के फायदे हिन्दी में 

 

  • यह एक अच्छी  एंटीऑक्सीडेंट और शरीर में होने वाले नुकसानों से बचाती है और यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को होने से रोकती है.
  • विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होने के कारण यह शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है.
  • पुरुषों में होने वाले प्रोस्टेट कैंसर को रोकने में भी हरी मिर्च का सेवन फायदेमंद रहता है.
  • इसको खाने से शरीर में एंडोर्फिन नामक हार्मोन बनता है जो हमारी मूड को अच्छा करने में मदद करता है.
  • गर्मियों में इसके सेवन से शरीर ठंडा रहता है.
  • विटामिन ए पाए जाने के कारण हरी मिर्च का प्रयोग आंखों की रोशनी बढ़ाने में बहुत फायदा देता है.
  • हरी मिर्च विटामिन k  का बहुत अच्छा  स्रोत है जिससे ओस्टियोपोरोसिस होने की संभावना कम हो जाती है .
  • वजन घटाने के लिए भी हरी मिर्च का सेवन बेहद लाभप्रद है.
  • उच्च रक्तचाप और हृदय की बीमारियों के लिए नियमित रूप से हरी मिर्च का प्रयोग करना बहुत फायदेमंद है.
  • त्वचा के लिए हरी मिर्च का सेवन फायदेमंद है यह बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करता है वह झुर्रियों को भी कम करता है

 

हरी मिर्च के नुकसान हिंदी में(क्यूँ और कब न खाएं हरी मिर्च )

क्यूँ और कब न खाएं हरी मिर्च

  • कभी कभी अनजाने में ही हम स्वाद के चक्कर में हरी मिर्च का अधिक उपयोग कर लेते हैं जिससे इसमें मौजूद कैप्साइसिंग के कारण पेट में गर्मी बढ़ जाती है और शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है इसी कारण से डायरिया का खतरा बढ़ जाता है मेटाबोलिज्म रेट  बैलेंस नहीं रहता है .
  • अधिक सेवन से अल्सर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं पेट में जलन व चक्कर आने लगते हैं.
  • मधुमेह के रोगियों के लिए खास ध्यान रखना बहुत जरूरी है क्योंकि हरी मिर्च का अधिक मात्रा में सेवन करने से मधुमेह रोगियों का शुगर लेवल सामान्य से नीचे आ जाता है जो कि स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक हानिकारक है इसलिए मधुमेह के रोगियों को हरी मिर्च का कम उपयोग करना चाहिए.
  • हरी मिर्च में कप्सेसिन होने की वजह से इसके अधिक प्रयोग से त्वचा संबंधी एलर्जी भी हो सकती है.
  • बवासीर रोगियों के लिए भी हरी मिर्च नुक्सान दायक हो सकती है इसकी अधिक मात्रा बवासीर के रोग को बढ़ा सकती है.

अतः इसका मतलब जहाँ कम मात्रा या उचित मात्रा में हरी मिर्च का उपयोग बेहद फायदेमंद हैं वहीं इसके अधिक प्रयोग से नुक्सान भी होता है .अतः हरी मिर्च का प्रयोग उचित मात्रा में ही करें .

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